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दिवाली के पावन अवसर पर अपार धन-समृद्धि के लिए कराएं सहस्त्ररूपा सर्वव्यापी लक्ष्मी साधना : 04-नवंबर-2021 | Lakshmi Puja Online

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लक्ष्मी पूजा के शुभ फल :

  • आर्थिक उन्नति,पारिवारिक समृद्धि,व्यापार में वृद्धि ,यश की प्राप्ति होती है।
  • समाज में प्रसिद्धि बढ़ने लगती है।
  • दरिद्रता और कर्ज समाप्त होने लगता है।
  • पति-पत्नी के बीच कलह समाप्त होने लगता है।
  • सभी प्रकार के मनोवांछित फल प्राप्त होने लगते हैं।
  • आमदनी के नए – नए मार्ग प्राप्त होते है।

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार देवी लक्ष्मी का स्वरुप व्यक्ति के जीवन में सभी प्रकार के सुखों का आगमन मार्ग प्रकाशित करता है। माँ लक्ष्मी के पूजन से सभी दुखों का नाश होता है। यह पूजन सभी ग्रहों की महादशा एवं अन्तर्दशा को दूर करने हेतु लाभकारी होता है। विशेष तौर पर जिन लोगों की कुंडली में शुक्र का बुरा प्रभाव हो, उनके लिए यह पूजा अत्यंत ही कल्याणकारी प्रमाणित होती है। दिवाली का दिन माँ लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। साथ ही इस दिन पूजा करने से 10 गुना अधिक फल की प्राप्ति होती है। यह पूजा ख़ास तौर पर अमावस्या के दिन आधी रात को करना आवश्यक होता है।
सहस्त्ररूपा का अर्थ होता है धन, स्वास्थ, आरोग्य एवं कुशल जीवन को प्रदान करने वाली देवी। जो कोई भी व्यक्ति पूर्ण निष्ठा एवं श्रद्धा से इनकी आराधना करता है उसकी कोई भी कामना अधूरी नहीं रहती। उसके जीवन से धन की कमी एवं कर्ज की समस्या जैसी परेशानियां दूर हो जाती है। माँ लक्ष्मी उसका साथ कभी नहीं छोड़ती और उसकी हर इच्छा पूर्ण होती है।

सहस्त्ररूपा सर्वव्यापी माँ लक्ष्मी के विभिन्न रूप ! 

  • धन लक्ष्मी
  • स्वास्थ्य लक्ष्मी
  • पराक्रम लक्ष्मी
  • सुख लक्ष्मी
  • संतान लक्ष्मी
  • शत्रु निवारण लक्ष्मी
  • आनंद लक्ष्मी
  • दीर्घायु लक्ष्मी
  • भाग्य लक्ष्मी
  • पत्नी लक्ष्मी
  • राज्य सम्मान लक्ष्मी
  • वाहन लक्ष्मी
  • सौभाग्य लक्ष्मी
  • पौत्र लक्ष्मी
  • राधेय लक्ष्मी

हमारी सेवाएँ :
अनुष्ठान से पहले हमारे युगान्तरित पंडित जी द्वारा फ़ोन पर आपको संकल्प करवाया जाएगा। तथा पंडित जी द्वारा पूर्ण विधि -विधान से पूजन संपन्न किया जाएगा।

ऑनलाइन लक्ष्मी पूजा के लाभ

हिंदू धर्म के प्रमुख धार्मिक त्योहारों में से एक, दिवाली चंद्र माह के 13 वें दिन अश्वत्थ के 13 वें दिन से लेकर कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष के दूसरे दिन तक रहती है। यह नाम संस्कृत शब्द दिपावली से लिया गया है, जिसका अर्थ है “रोशनी की पंक्ति”, जो लक्ष्मी की उपस्थिति को आमंत्रित करने के लिए अमावस्या की रात को जलाया जाता है। देवी लक्ष्मी धन की देवी मानी जाती है। उनकी कृपा भक्तों के सभी दुःख नष्ट कर देती है।

लक्ष्मी पूजन ऑनलाइन बुक करें
दिवाली के अवसर पर अक्सर उचित लक्ष्मी पूजन विधि नहीं मिलती। आप दिवाली दिवस पूजन विधियाँ व लक्ष्मी पूजन विधि मन्त्र को ऑनलाइन भी मंगवा सकते हैं। यह सामान आसानी से इंटरनेट पर होते हैं।

माँ लक्ष्मी पूजा मंत्र
माँ लक्ष्मी सौंदर्य एवं सुखद जीवन का प्रतिनिधित्व करती है। उन्हें बहुतायत, समृद्धि, धन और सद्भाव के व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है। माना जाता है उनकी पूजा से धन की कमी के कारण होने वाले सभी दुखों से छुटकारा मिलता है। उनके मंत्र बहुत ही प्रभावशाली होतें है।

1. ॐ धनाय नम: इस मंत्र का जाप करने से धन लाभ की प्राप्ति होती है। इसका शुक्रवार के दिन कमल गट्टे की माला के साथ करना चाहिए।
2. धनाय नमो नम: इस मंत्र का रोजाना जाप करने से धन सम्बंधित परेशानियां दूर होती है। यह मंत्र धन वृद्धि में भी सहायक होता है।
3. ओम लक्ष्मी नम: इस मंत्र के जाप से देवी लक्ष्मी का वस् होता है। घर में किसी प्रकार की आर्थिक परेशानियां नहीं रहती।
4. ॐ ह्रीं ह्रीं श्री लक्ष्मी वासुदेवाय नम: इस मंत्र का जाप किसी भी शुभ कार्य करने से पहले करें। अगर ऐसा किया जाए तो व्यक्ति का काम बन जाएगा।
5. लक्ष्मी नारायण नम: माँ लक्ष्मी के इस मंत्र का निरंतर जाप करने से सुखद दांपत्य जीवन की प्राप्ति होती है। यह मंत्र व्यक्ति के सफलता के लिए सहायक होता है।
6. पद्मानने पद्म पद्माक्ष्मी पद्म संभवे तन्मे भजसि पद्माक्षि येन सौख्यं लभाम्यहम्: इस मंत्र का जाप करने से अन्न – धन की कोई कमी नहीं रहती। माँ लक्ष्मी के पूजन के समय माला की सहायता से यह मंत्र का जाप करने चाहिए।
7. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: इस मंत्र का उच्चारण करते समय चांदी एवं अष्ट धातु की मूर्ति का पूजन करना चाहिए। इससे माँ लक्ष्मी पूर्ण सफलता का आशीर्वाद प्रदान करती है।
8. ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नम: शुक्रवार के दिन इस मंत्र का जाप करने से अत्यंत लाभ प्राप्त होतें है। माँ लक्ष्मी की कृपा से धन एवं वैभव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
9. ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा: दिवाली के समय पर इस मंत्र का जाप करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। पैसों की दिक्कत से जुड़े मामलें समाप्त होतें है।
10. ऊं ह्रीं त्रिं हुं फट: किसी भी कार्य में सफलता के लिए इस मंत्र का जाप करना चाहिए। इससे मां की कृपा हमेशा बनी रहती है।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा

जानकारों के अनुसार लक्ष्मी पूजन प्रदोषयुक्त अमावस्या को स्थिर लग्न और स्थिर नवांश में किया जाना श्रेष्ठ माना गया है। प्रदोष काल शाम 5:33 से रात 8:12 तक रहेगा। लक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त शाम 5:49 से 6:02 बजे तक रहेगा। इस मुहूर्त में प्रदोषकाल स्थिर वृष लग्न और कुंभ का स्थिर नवांश भी रहेगा।

 

FAQ

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा करने का शुभ मुहूर्त कौन सा है?

दिवाली के दिन माँ लक्ष्मी की पूजा का सबसे विशेष एवं शुभ मुहूर्त रात्रि का होता है। माना जाता है की माँ लक्ष्मी रात्रि के समय भ्रमण करती है और जिस किसी भी घर में उनका पूजन पूर्ण निष्ठा से संपन्न किया गया हो वह वहां निवास करती है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार शाम या रात्रि के समय सहपरिवार यह पूजा संपन्न की जाती है।

लक्ष्मी पूजा को ऑनलाइन बुक करने से क्या लाभ है?

माँ लक्ष्मी की आराधना से भक्तों के जीवन में कभी कोई कष्ट नहीं रहता। ऑनलाइन लक्ष्मी पूजा के माध्यम से आप बिना किसी परेशानी के सरलता के साथ अपने परिवार के सुखद जीवन की कामना हेतु भारत के प्रसिद्ध मंदिरों में लक्ष्मी पूजन संपन्न करवा सकते है। इस प्रक्रिया से आपको घर बैठें माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

माँ लक्ष्मी के विभिन्न रूप क्या हैं?

माँ लक्ष्मी, भगवान विष्णु की पत्नी है। वह धन, समृद्धि, बुद्धि, भाग्य, साहस की देवी मानी जाती हैं। वह सौंदर्य, अनुग्रह और आकर्षण का प्रतीक है। देवी लक्ष्मी पूर्णता 16 रूपों का प्रतिनिधित्व करती है। उनका प्रत्येक रूप जीवन के एक पहलू का प्रतिनिधित्व करता है जो मानव जाति के लिए सबसे महत्वपूर्ण है जैसे की ज्ञान, बुद्धि, शक्ति, वीरता, सौंदर्य, विजय, प्रसिद्धि, महत्वाकांक्षा, नैतिकता, सोना और अन्य धन, खाद्यान्न, आनंद, प्रसन्नता, स्वास्थ्य, दीर्घायु, पुण्य एवं संतान प्राप्ति।

क्या हमें माँ लक्ष्मी मंत्रों का जाप करना चाहिए?

माँ लक्ष्मी के पूजन के समय यदि मंत्रों का उच्चारण पूर्ण श्रद्धा और विश्वास के साथ किया जाता है तो हमें अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने जैसे की नौकरी, व्यापार में लाभ प्राप्त करने में मदद करते हैं। लक्ष्मी महा मंत्र का जाप करने से देवी लक्ष्मी आपको धन और समृद्धि प्रदान करती है। इस मंत्र का नियमित रूप से जाप करने से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार होता है।

क्या हमें पूजन के बाद लक्ष्मी आरती करनी चाहिए?

लक्ष्मी पूजन के बाद माँ लक्ष्मी की आरती आवश्य करनी चाहिए। ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है। देवी लक्ष्मी की आरती कर आप उनका आवाह्न करते है तथा उनसे प्रार्थना करते है की वह आपकी इच्छाएं पूर्ण करें। माँ लक्ष्मी की कृपा से आपको धन – धान्य की कोई कमी नहीं रहती। नौकरी, व्यापार एवं करियर में सफलता प्राप्त होती है।

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