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नवग्रह सदैव गतिमान अवस्था में होते हैं। जातक की जन्म कुंडली में तो सभी ग्रहों की स्थिति स्थिर होती है। परन्तु, ग्रहों की अंतर्दशा व महादशा का प्रभाव जातक पर अवश्य पड़ता है। सभी ग्रह अपनी दशा के अनुसार जातक को फल देते हैं। ग्रह गोचर होने से हमें अपने कर्मों का फल प्राप्त होता है। गोचर की दशा प्राप्त करने हेतु चन्द्र को प्राथमिकता है।
आइए जानते हैं कि कौन-सा ग्रह किस राशि में कब प्रवेश कर किस प्रकार के परिणाम देता है| सूर्य ग्रहों का राजा है। सूर्य ग्रह तेज, ऊर्जा और सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व करता है। यह ग्रह लगभग एक माह के समय में राशि परिवर्तन करता है। सूर्य के राशि परिवर्तन से सकारात्मक परिणाम देखने को मिलते हैं। ये जिस राशि में विचरण करते हैं, उस जातक को प्रसिद्धि के साथ मान-सम्मान मिलता है और शत्रुओं की पराजय होती है। सूर्य को ब्रह्म मुहूर्त में जल का अर्घ्य देने से अत्यधिक लाभ होता है।

सूर्य ग्रह का राशि परिवर्तन इस प्रकार हैः-
धनु से मकर-    14 जनवरी 2022 (शुक्रवार) 14:44
मकर से कुंभ-    13 फरवरी 2022 (रविवार) 03:41
कुंभ से मीन-    15 मार्च 2022 (मंगलवार) 00:31
मीन से मेष-    14 अप्रैल 2022 (गुरुवार) 08:56
मेष से वृषभ-    15 मई 2022 (रविवार) 05:45
वृषभ से मिथुन-    15 जून 2022 (बुधवार) 12:19
मिथुन से कर्क-     16 जुलाई 2022 (शनिवार) 23:11
कर्क से सिंह- 17 अगस्त 2022 (बुधवार) 07:37
सिंह से कन्या-    17 सितम्बर 2022 (शनिवार) 07:36
कन्या से तुला- 17 अक्टूबर 2022 (सोमवार) 19:37
तुला से वृश्चिक- 16 नवंबर 2022 (बुधवार) 19:29
वृश्चिक से धनु    – 16 दिसंबर 2022 (शुक्रवार) 10:10

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